MENU X
आभानेरी चाँद बावड़ी: एक रात में बनाई गयी थी ये बावड़ी, इसी बावड़ी की गुफा में हुई पूरी बारात गायब

राजस्थान के जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर स्थित दौसा जिलें के आभानेरी कस्बे में एक एेसी चाँद बावड़ी स्थित है, जो काफी फैमस है। इस चाँद बावड़ी का निर्माण 9वीं शताब्दी में राजा मिहिर भोज, जिन्हें चाँद के नाम से भी जाना जाता था, ने करवाया था। इसीलिए इस बावड़ी का नाम चाँद बावड़ी पड़ा।

इसे एक ही रात में तैयार किया गया था। इसकी  दीवारों पर हिंदू धर्म के सभी 33 करोड देवी-देवताओं के चित्र भी बनाये गए हैं। इस गुफा की सबसे खास बात यह है कि इस चाँद बावड़ी में बनी एक गुफा है जिसमें एक बारात गई थी जो आज तक वापस नहीं आई अौर इसी के बाद से यह काफी प्रचलित हो गई। अब यह चाँद बावडी नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में जल्द ही दुनिया के मानचित्र पर नजर आएगी।

बावड़ी की गुफा काफी लोकप्रिय

चाँद बावड़ी में काफी इमारतें बनी हुई है। लेकिन इसकी सबसे निचली मंजिल पर गणेश एवं महिसासुर मर्दिनी की भव्य प्रतिमाएं स्थित है जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा रही है। इनकी सुंदरता ही लोगों को काफी आकर्षित करती है। इस बावडी में एक गुफा भी है, जिसकी लंबाई लगभग 17 कि.मी. है, जो पास ही स्थित गांव भांडारेज में निकलती है। ये भी कहा जाता है कि एक बार एक बारात यहां आई और बावड़ी में मौजूद अंधेरी-उजाली गुफा में उतर गई। इसके बाद बाहर नहीं आई। इस गुफा का प्रयोग राजा युद्ध के समय करते थे।

चाँद बावड़ी भूल-भुलैया के लिए है मशहूर

चाँद बावड़ी सबसे बड़़ी बावड़ी होने के लिए भी मशहूर है। यह बावडी 100 फ़ीट से भी ज्यादा गहरी है, जिसमें भूलभुलैया के रूप में 3500 सीढियाँ हैं। अगर इन सीढ़ियों पर कोई अपनी छोटी सी चीज रखकर भूल जाए तो वह जल्दी से उस जगह तक नहीं पहुँच सकता क्योंकि यह सीढ़ियां काफी भूल-भुलैया टाइप है। यहाँ तक कि इस बात को बॉलीवुड के अभिनेता गोविंदा ने भी एक शूटिंग के दौरान स्वीकारा है।

फिल्मी कलाकार भी नहीं रहे यहां से दूर

अाभानेरी की चाँद बावड़ी हॉलीवुड बॉलीवुड फिल्मों में भी छाई हुई है। इस बावड़ी में हॉलीवुड की फिल्म ' फ़ॉल' की शूटिंग हुई है। इसी के साथ बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म 'भूल भूलैया' सहित अन्य कई फिल्मों की शूटिंग यहाँ हो चुकी है। फिल्मों की शूटिंग के वक्त कई कलाकार इन भूल-भुलैया सीढ़ियों को कभी समझ ही नहीं पाए है।

बावड़ी की यह है खासियत

चाँद बावड़ी, अलूदा की बावड़ी और भांडारेज की बावड़ी को एक रात में बनाया गया। ये तीनों सुरंग से एक-दूसरे से जुडी हैं अौर यह धरोहर देश की सबसे बड़ी अौर गहरी बावड़ी के नाम से फेमस है। इस बावड़ी में हर एक दिवार पर चित्र बनाए हुए है जो यहाँ  की सुंदरता बढाती है।

जयपुर से आभानेरी कैसे पहुँचे

बस से: सिकंदरा (जयपुर से 70 कि.मी. दूर) तक रोडवेज बस ले ले। वहाँ से लोकल जीप या बुग्घा मिल जाएगे जो कि आपको गूलर तक छोड़ देंगे। गूलर से फिर से आभानेरी तक के लिए जीप या बुग्घा ले, जो यहाँ से 5 कि.मी. दूर और है।

ट्रैन से: जयपुर से बंदीकुई तक ट्रैन ले। बंदीकुई से या तो गूलर के लिए जीप ले ले, जो कि बंदीकुई स्टेशन से 15 कि.मी. दूर है, और फिर गूलर से आभानेरी के लिए दूसरी जीप ले। या फिर आप बंदीकुई से आभानेरी के लिए डायरेक्ट जीप ले सकते है जो कि सिर्फ 6 कि.मी. की दूरी तय करके आपको आभानेरी पहुँचा देगी। पर इन जीप के लिए लगभग 1 कि.मी.तक चलकर जाना पड़ता है जिसके लिए आपको किसी लोकल निवासी की मदद लेनी पड़ेगी।

स्वयं के वाहन से: इससे बहतर तो कुछ हो ही नहीं सकता। जयपुर से नेशनल हाईवे 11 > दौसा > सिकंदरा > आभानेरी

 


You May Also Like

The city of Jaipur will soon have two new museums, one of which will be built on the theme of Lord Shiva while the other on Music theme.

Ghat ki Guni tunnel located on the Agra Road is used as an entrance to the Jaipur city. But this tunnel is becoming a site of extreme air pollution, a risk to the health of the riders on this route.

In the first State Level Grappling Match, the team from Jaipur showed a lot of clout.

“The military might of a country represents its national strength. Only when it builds up its military might in every way can develop it into a thriving country.”

ISRO is well known for its innovative steps and legendary milestones. Following the same tradition, it is all set to add one more achievement that could prove to be a milestone in the history of space science.